What is UPI in Hindi you will love it

What is UPI in Hindi you will love it. Full form of UPIUnified Payments Interface. बदलते जमाने के साथ पैसे भेजने और पाने का स्वरूप भी बदल गया है । पुराने जमाने में जहां पैसे भेजने या पाने के लिए घंटो बैंक के लाइन लगाने होते थे वही आज यह काम घर बैठे ही हो जाता है । आज NEFT, IMPS, RTGS के माध्यम से पैसे भेजें या मंगाए जा सकते हैं । UPI बैंकिंग की आधुनिक तकनीक है जिसमें सदस्य बैंकों के बीच पैसों का आदान-प्रदान बहुत ही आसानी से किया जा सकता है । किसी व्यक्ति के बहुत सारे बैंक अकाउंट को सिर्फ एक मोबाइल एप्लीकेशन द्वारा ऑपरेट किया जा सकता है ।

UPI का इतिहास

आपने फोन पे , गूगल पे, अमेजॉन पे, BHIM UPI इत्यादि अनेक नाम सुने होंगे तथा इसका इस्तेमाल किया होगा यह सभी मोबाइल एप्लीकेशन UPI प्लेटफार्म पर काम करते हैं । फोन पे , गूगल पे, अमेजॉन पे, BHIM UPI इत्यादि के बारे में What is UPI in Hindi you will love it पोस्ट में विस्तार से पढ़ेंगे ।

UPI (Unified Payments Interface) एक अनूठी भुगतान प्रणाली है जिसके माध्यम से आप अपने बैंक खाते को मोबाइल एप्लीकेशन से लिंक कर सकते हैं और लेन देन सुरक्षित रूप से कर सकते हैं । ऑनलाइन शॉपिंग से लेकर यूटिलिटी बिल भरने तक सारे कार्य यूपीआई के द्वारा आसानी एवं सुरक्षित रूप से किए जा सकते हैं ।

Unified Payments Interface की शुरुआत 11 अप्रैल 2016 को तत्कालीन आरबीआई गवर्नर डॉ. रघुराम राजन द्वारा की गई थी । पहले दौर में इसमें 21 बैंकों ने हिस्सा लिया था । आज लगभग सारे बैंक UPI प्लेटफार्म के सदस्य हैं । 25 अगस्त 2016 से बैंकों ने अपने मोबाइल एप्लीकेशन गूगल प्ले स्टोर में डालना शुरू कर दिया ।

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UPI की विशेषताएँ

आसान :- UPI एप को प्ले स्टोर या एप्स स्टोर से डाउनलोड करना बहुत ही आसान है । UPI एप को इंस्टॉल करके इस्तेमाल करना भी बहुत ही आसान है । इसके मर्चेंट ऐप को भी डाउनलोड करना आसान होता है ।

सुरक्षित :- UPI इस्तेमाल करना सुरक्षित है । इसमें मोबाइल डिवाइस पिन के साथ-साथ यूपीआई पिन की दोहरी सुरक्षा होती है, ताकि लेन देन में होने वाली धोखाधड़ी को बचाया जा सके । दोहरी पिन की सुरक्षा के कारण आपकी निजी जानकारियां भी सुरक्षित रहती है ।

तेज :- UPI के द्वारा किया गया भुगतान तुरंत ही दूसरे बैंक खाता में चला जाता है । इसमें किसी भी तरह का चार्ज नहीं लगता है ।

UPI क्यों है बेहतर

ध्यान देने योग्य बात है की आज बहुत सारे पेमेंट के विकल्प होने के बावजूद यूपीआई की जरूरत क्यों पड़ी? इसके कई कारण है:-

  • इसमें तत्कालीन पैसे ट्रांसफर होते हैं । सप्ताह के सातों दिन और वर्षभर कार्य करता है ।
  • कई बैंक अकाउंट को मात्र एक मोबाइल एप्लीकेशन के द्वारा ही हैंडल किया जा सकता है ।
  • यूपीआई पेमेंट का एक सुरक्षित जरिया है । इसमें दो पिन के द्वारा सुरक्षा दी जाती है । एक पिन मोबाइल के स्क्रीन लॉक का होता है तथा दूसरा पिन यूपीआई का होता है । इस प्रकार जालसाजी की संभावना बहुत कम हो जाती है ।
  • इसमें कई तरीके से भुगतान किया जा सकता है जैसे:- 1) VPA द्वारा 2) मोबाइल नंबर द्वारा 3) अकाउंट नंबर और IFSC द्वारा 4) आधार कार्ड द्वारा
  • लगभग सभी जगह इसका इस्तेमाल होने के कारण कैश हैंडलिंग में बहुत सुविधा होती है ।
  • खुदरा पैसा रखने की कोई झंझट नहीं होती ।
  • बिल पेमेंट, ऑनलाइन शॉपिंग, तथा और कई तरह के भुगतान करने के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है ।
  • किसी तरह की असुविधा होने पर मोबाइल एप के द्वारा ही कंप्लेन किया जा सकता है ।

UPI में जालसाजी के तरीके एवं बचाव

स्क्रीन मिरर टूल द्वारा

जालसाज लोगों को अपने बातों में फंसा कर गूगल प्ले स्टोर या एप स्टोर से स्क्रीन मिरर टूल जैसे टीम व्यूअर, एनीडेस्क आदि को मोबाइल फोन में डाउनलोड करा कर मोबाइल को अपने कब्जे में कर लेता है । वह दूर बैठा है आपके मोबाइल को हैंडल कर सकता है । इसलिए इस तरह के टूल को सावधानी से इस्तेमाल किया जाना चाहिए । किसी भी तरह के अनजान लिंक पर कभी क्लिक नहीं करना चाहिए ।

बैंक प्रतिनिधि बनकर

साइबर क्रिमिनल बैंक प्रतिनिधि या फोन पे, गूगल पे इत्यादि के प्रतिनिधि बनकर कॉल करते हैं । अपनी बातों में फंसा कर वे ओटीपी तथा अन्य तरह की गुप्त जानकारियां प्राप्त कर लेते हैं । जिसका इस्तेमाल करके हुए बैंक अकाउंट खाली कर देते हैं । बैंक तथा यूपीआई की ओर से समय-समय पर विभिन्न माध्यमों से यह चेतावनी दी जाती है कि वे किसी भी तरह की गुप्त जानकारी के लिए कभी कॉल नहीं करते । इस कारण इस तरह के कॉल से हमेशा सचेत रहना चाहिए एवं गुप्त जानकारी किसी भी हाल में नहीं दिया जाना चाहिए । किसी भी तरह की शंका होने पर साइबर क्राइम सेल को सूचित करना चाहिए ।

फिशिंग

कॉल करने वाले आपको एसएमएस के जरिए अनधिकृत भुगतान लिंक भेज सकते हैं । दरअसल यह नकली पेमेंट URL होता है । यदि बिना सोचे समझे जल्दीबाजी में उस लिंक पर आप क्लिक कर देते हैं तो वह लिंक आपको बैंक साइट की तरह ही दिखने वाला एक नकली साइट पर ले जाएगा । उस साइट पर विभिन्न जानकारियां मांगी जाएंगी । उन जानकारियों को अगर आप भरकर सबमिट कर देते हैं तो फिर आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है । इस तरह के लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए ।

सिम स्वैपिंग द्वारा

फ्रॉडर सिम कंपनी के प्रतिनिधि बनकर कॉल करते हैं । अपनी बातों में उलझा कर यह विश्वास दिलाते हैं कि आपका सिम आउटडेटेड हो चुका है इस कारण कुछ दिन में या बंद हो जाएगा । इसके बाद वे कहते हैं कि इस समस्या का समाधान फोन पर ही हो सकता है । इसके लिए बस आपको एक SMS करना होगा । इस तरह सिम स्वाइपिंग का मैसेज करा कर सिम को अपने कब्जे में ले लेते हैं ।

इस तरह के फ्रॉड में अक्सर यह देखा गया है की जालसाज मोबाइल को 2 से 3 घंटे तक बंद रखने के लिए कहते हैं । इस दौरान वे बैंक अकाउंट को खाली कर देते हैं । मोबाइल बंद रहने के कारण आपको किसी भी तरह का अलर्ट ( ईमेल के माध्यम से) देखने को नहीं मिलता और आपका बैंक अकाउंट खाली हो जाता है । इस तरह की बातों में ना फंसे ।

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